हिन्दी-गीत
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गीत
हमारी नजरों से देख लो तुम, नया सवेरा दिखाई देगा। जब चाँदनी छा गई हो नभ में, कहाँ अँधेरा दिख…
4:41 pmहमारी नजरों से देख लो तुम, नया सवेरा दिखाई देगा। जब चाँदनी छा गई हो नभ में, कहाँ अँधेरा दिख…
Brajesh Kumar Karn
4:41 pm
तुम्हारे दिल में दबी है नफरत , अभी मुहब्बत नहीं हुई …
Brajesh Kumar Karn
4:28 pm
चेहरे पे निकली गोरी, घूँघट को डाल के । घूँघट में सूरत दिखता, उठता सवाल है । घूँघट तो गोरी का, बड़ा ही जंजाल है । घूँघट…
Brajesh Kumar Karn
8:45 pm
तेरी सूनी - सूनी अंखियों में , मेरा अक्स उभरता है । जब तक न देख लूँ मैं तुमको , दिल आहें भरता है । खा…
Brajesh Kumar Karn
3:42 pm
बिजलियों को चमकने दो, तितलियों को थिरकने दो | शाम-ऐ-गम की तन्हाई में, पैमाना छलकने दो | बिजलियों को....................…
Brajesh Kumar Karn
6:42 pm
मुझको वह मेरी तन्हाई , याद आती है। सच कहता हूँ कि जुदाई याद आती है। मुझको ……. बचपन का दोस्त और मस्ती के दिन थे। मुझे उस…
Brajesh Kumar Karn
9:14 am
कुदरत क्या – क्या खेल दिखाता है ? तुम जानो न हम | तुम जानो न हम…
Brajesh Kumar Karn
5:27 pm